04 December 2020

पकड़ा गया एटीएम से धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का सरगना

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दिल्ली पुलिस के क्राइम ब्रांच को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है. एटीएम में चिप ओर कैमरा लगा कर लोगों के पैसे उड़ाने वाले गिरोह का क्राइम ब्रांच ने पर्दाफ़ाश कर दिया है. पुलिस ने साथ ही इस गिरोह के सरगना प्रवेश डागर को भी दिल्ली के द्वारका से गिरफ्तार कर लिया है. यह उत्तर भारत में काम करने वाला सबसे बड़ा गिरोह था. इसके अंदर कुल 1500 लोग काम कर रहे थे. पुलिस ने डागर के पास से एक देसी कट्टा ओर कई सरे चिप बरामद किये हैं. डागर ने इस धोखाधड़ी से पिछले तीन सालों में कई करोड़ रूपए की कमाई की है. 

एक हफ्ते में 100 लोगों के अकाउंट खली किये 
पिछले एक हफ्ते में डागर के इस गिरोह ने अकेले दिल्ली में क़रीब 100 लोगों का अकाउंट खाली कर दिया. इसकी वजह से दिल्ली में बिना सुरक्षा गार्ड के चलने वाले कई एटीएम को बंद कर दिया गया. डीसीपी (क्राइम) राजेश देव ने बताया की डागर  का गिरोह बेहद शातिर तरीके से पहले एटीएम में कैमरा और चिप लगाता था. वह कीपैड पर कैमरा लगाते थे ओर लोगों की फिंगर मूवमेंट पर नज़र रखते थे. वह लगभग सौ-डेढ़ सौ ग्राहकों का डाटा जमा करने के बाद कैमरा हटा लेते थे. उसके बाद यह सारा डाटा वह लैपटॉप में डाउनलोड करते थे. 

आधी रात को चलता था सारा खेल 
जमा किया हुआ डाटा डागर अपने साथी को भेजता था. जिसके बाद वह 11:59 बजे सारा खेल शुरू करता था. आधी रात को ज़्यादा से ज़्यादा कैश निकालने के लिए यह खेल रचा जाता था. उसके बाद यह पैसे गिरोह के लोग आपस में बांटते थे. यह गिरोह हर महीने तीस से चालीस लाख आसानी से कमा लेता था. इसी तरह का गैंग राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड ओर हरियाणा में सक्रिय है. डागर के और साथियों का पुलिस ने पीछा किया लेकिन वो पुलिस की जिप्सी को अपनी कार से टक्कर मार के फरार हो गए. पुलिस को डागर के लैपटॉप से चालीस हज़ार से भी अधिक लोगों का डाटा मिला है. 

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